Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था और आम जनता को मिल रही राहत को लेकर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ पहुंचे बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन के लिए प्रदेश के कोयले और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है, इसके बावजूद लोगों को बिजली के मामले में अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने बिजली व्यवस्था और महंगाई को आम जनता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने एकदिवसीय प्रवास के दौरान डोंगरगढ़ पहुंचे। नवरात्रि की पंचमी के अवसर पर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।
इस दौरान डोंगरगढ़ विधायक, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नवाज खान समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंदिर में दर्शन के बाद बघेल ने मीडिया से बातचीत की और प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
बिजली व्यवस्था और महंगाई पर सरकार से सवाल
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई बिजली संयंत्र संचालित हैं और बिजली उत्पादन में राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है।
बघेल के मुताबिक, जब बिजली उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ के कोयले और पानी का इस्तेमाल किया जाता है, तो प्रदेश की जनता को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बिजली से जुड़े मुद्दे को आम लोगों की आर्थिक स्थिति और महंगाई से जोड़ते हुए जनता को राहत देने की जरूरत पर जोर दिया।
हालांकि, बिजली की दरों, उत्पादन लागत और उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत के संबंध में उन्होंने इस चर्चा में कोई विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
धर्मांतरण और आरक्षण के मुद्दे पर भी रखी राय
बातचीत के दौरान भूपेश बघेल से धर्मांतरण के बाद आरक्षण के लाभ से जुड़े सवाल भी पूछे गए। 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई फैसला उनके संज्ञान में नहीं है।
बघेल ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मामलों में आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए अपनी राय रखी। आरक्षण की पात्रता संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और लागू कानूनी शर्तों के आधार पर तय होती है।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक संसाधनों को लेकर भी जताई चिंता
भूपेश बघेल ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह की नजर भिलाई स्टील प्लांट पर है। उन्होंने तमनार, हसदेव और नंदी पहाड़ का जिक्र करते हुए प्रदेश के संसाधनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर बढ़ते प्रभाव को लेकर सवाल उठाए।
बघेल ने एसीसी सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़े प्रतिष्ठानों का भी उल्लेख किया। हालांकि, भिलाई स्टील प्लांट को लेकर उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।
बिजली और महंगाई का मुद्दा फिर चर्चा में
भूपेश बघेल के बयान के बाद प्रदेश में बिजली व्यवस्था, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत का मुद्दा चर्चा में है। बिजली उत्पादन और उपभोक्ताओं के बिलों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए बिजली दरों, उत्पादन लागत और सरकारी नीतियों से जुड़े आधिकारिक आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल, डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य के संसाधनों का लाभ यहां की जनता को भी मिलना चाहिए।

