रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को “अज्ञान और दुर्गति का दस्तावेज” बताते हुए कहा कि इसमें किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में केवल शब्दों का जाल बुना गया है और वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है। बघेल ने कहा कि धान खरीदी के मामले में किसानों के साथ धोखा हुआ है—रकबा और उत्पादन बढ़ने के बावजूद खरीदी कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पुराने कार्यों और घोषणाओं को दोहराकर श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बजट में आवास योजनाओं की व्यवहारिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कम राशि में घर बनाना संभव नहीं है, जिससे आम लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार परंपराओं से हटकर काम कर रही है और बजट में “मोदी की गारंटी” का भी कोई उल्लेख नहीं है।

