धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला, किसानों का पैसा गबन

कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के केवटी धान खरीदी केंद्र में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला तब उजागर हुआ जब किसानों ने 2024 की खरीफ फसल के लिए खाद-बीज और नकद राशि लेने के लिए धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्हें बताया गया कि उनका पुराना ऋण जमा नहीं हुआ है। जबकि किसानों का दावा है कि उन्होंने अपना ऋण धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर अनिल टांडिया को पहले ही जमा कर दिया था और रसीद भी ले ली थी।

किसानों की समस्या

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा भानुप्रतापपुर के अनुसार, लगभग 58 किसानों पर 17 लाख 95 हजार 131 रुपये का बकाया दिखाया जा रहा है। इस वजह से इन किसानों को इस साल का लोन नहीं मिल पा रहा है। किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद-बीज और नकदी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने इस मामले की शिकायत जिला सहकारी बैंक, एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर और उप पंजीयक कांकेर से की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

लेम्पस प्रबंधक और ऑपरेटर का कबूलनामा

केवटी लेम्पस के प्रबंधक मनोहर महावीर और ऑपरेटर अनिल टांडिया ने गबन की बात स्वीकार की है और 25 अगस्त तक राशि वापस करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक उन्होंने पैसे वापस नहीं किए हैं।

धान खरीदी में भी गड़बड़ी

इसके अलावा, 2024 की धान खरीदी में भी लगभग 1 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पाई गई है। धान और बारदान की कमी पाई गई है। इससे पहले 2022 में भी लगभग 65 लाख रुपये की धान की कमी हुई थी। इस मामले में तत्कालीन केवटी प्रबंधक महेंद्र वैध, ऑपरेटर अनिल टांडिया, धान खरीदी प्रभारी संतोष दर्रो और बारदान गजेंद्र कुमार जेल जा चुके हैं।

किसानों का आरोप

किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के कर्मचारी मिलकर उनका पैसा गबन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

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