बीजापुर, 29 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। 51 माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इनमें 9 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं। 20 नक्सलियों पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह सरेंडर राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना से प्रेरित है। 0 2
सरेंडर के प्रमुख बिंदु
- प्रभावित क्षेत्र: बस्तर के बीजापुर जिले में कंपनी नंबर 01, 02, 05 के सदस्य, एसीएम, एरिया कमेटी, एलओएस और मिलिशिया संगठन के पदाधिकारी शामिल।
- इनामी नक्सली: कंपनी नंबर 01 के पीपीसीएम सहित 8 लाख इनामी प्रमुख। सभी ने फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसी घटनाओं में भाग लिया।
- प्रोत्साहन: प्रत्येक को 50,000 रुपये नगद सहायता दी गई। पुनर्वास नीति 2025 के तहत प्रशिक्षण, रोजगार और मुख्यधारा में एकीकरण।
- मुख्यमंत्री का बयान: विष्णु देव साय ने कहा, “पुनर्वास की रोशनी से भय का अंधकार मिट रहा। बस्तर संवाद, संवेदना और विश्वास की नई धरती बन रहा।” पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल मुक्त भारत की दिशा मजबूत। 2 6
आंकड़े: नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़ की प्रगति
| अवधि | आत्मसमर्पण | गिरफ्तारियां | मारे गए |
| जनवरी 2024 से अब तक (बीजापुर) | 650+ | 986 | 196 |
| 2025 (राज्यव्यापी) | 461 | 485 | 138 |
| 0 | |||
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यह घटना नक्सल उन्मूलन अभियान को गति देगी। विकास कार्यों और संवाद से प्रभावित नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

