बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसानों के साथ दुर्व्यवहार, अतिरिक्त तौल और रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला बिलासपुर के मस्तूरी विकासखंड के गतोरा स्थित धान खरीदी केंद्र से सामने आया है।
यहां प्राधिकृत अधिकारी राजेंद्र राठौर ने धान की गुणवत्ता सही नहीं होने का हवाला देते हुए किसान से ₹4000 रिश्वत ली। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सहकारिता उपायुक्त मंजू पाण्डेय ने सख्त कदम उठाते हुए बारदाना प्रभारी और प्राधिकृत अधिकारी को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।
जांच रिपोर्ट में रिश्वत की पुष्टि
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मस्तूरी के निर्देश पर तहसीलदार मस्तूरी द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में शिकायतकर्ता हर प्रसाद सूर्यवंशी ने बताया कि प्राधिकृत राजेंद्र राठौर ने ₹4000 रिश्वत देने पर ही रसीद काटने की शर्त रखी थी। शिकायतकर्ता ने पैसे देते हुए वीडियो बना लिया।
धान खरीदी केंद्र के प्रभारी नरेंद्र वस्त्रकार ने भी वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान की। वीडियो में लव कुमार यादव (बारदाना प्रभारी) और राजेंद्र राठौर (प्राधिकृत) पैसे लेते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं। तहसीलदार मस्तूरी की जांच रिपोर्ट में इस शिकायत को सही पाया गया है।
तीन दिन में स्पष्टीकरण अनिवार्य
सहकारिता उपायुक्त द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आरोपियों को नियमानुसार कार्रवाई से पहले तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।