बिलासपुर। सीपत क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2018 में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित 100 बिस्तरों वाला अस्पताल आज तक शुरू नहीं हो पाया है। लंबे समय से बंद पड़े इस अस्पताल की हालत अब खंडहर जैसी हो चुकी है, जिससे जिम्मेदार विभागों की लापरवाही उजागर हो रही है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल शुरू नहीं होने के पीछे स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बड़ी वजह रही है। वर्षों तक उपयोग नहीं होने से भवन जर्जर हो गया है। कई जगह दीवारें टूट चुकी हैं, खिड़कियां उखड़ गई हैं और परिसर में गंदगी फैली हुई है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अस्पताल परिसर पर असामाजिक तत्वों का कब्जा होने लगा है। यहां मवेशी बांधे जा रहे हैं और भवन का इस्तेमाल तबेले के रूप में किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने रात के समय असामाजिक गतिविधियों की शिकायत भी की है।
अस्पताल शुरू नहीं होने का सबसे ज्यादा असर आसपास के ग्रामीणों पर पड़ रहा है। छोटे-मोटे इलाज के लिए भी लोगों को जिला अस्पताल या शहर के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे की बर्बादी के साथ मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के लिए अब तक जरूरी सेटअप और संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसी वजह से अब इस भवन का उपयोग अन्य कार्यों के लिए करने पर विचार किया जा रहा है।


