बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार शाम करीब 4 बजे दिल दहला देने वाला रेल हादसा। गेवरा रोड से बिलासपुर आ रही MEMU पैसेंजर ट्रेन (68733) ने गटौरा-लालखदान के पास खड़ी कोयला लदी मालगाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक कि पैसेंजर का इंजन वाला कोच मालगाड़ी के आखिरी वैगन पर चढ़ गया, दो बोगियां हवा में लटक गईं।
मृतकों की पहचान, बच्चे भी शिकार
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 7 मौतों की पुष्टि की। मरने वालों में 3 महिलाएं, 2 बच्चे। नाम: रामकुमार (45, कोरबा), सुशीला बाई (38), आरुष (8), प्रिया (12), 3 अज्ञात। 15-20 घायल, 5 की हालत गंभीर। सिम्स और अपोलो अस्पताल में भर्ती।
चश्मदीदों की आपबीती: “लोहे का शोर, फिर चीखें”
“ट्रेन रुकी, अचानक धड़ाम! इंजन उछला, बच्चे चीखने लगे। मैंने बेटी को खींच बाहर निकाला,” रोते हुए बताया चश्मदीद राजू यादव। एक महिला बोली, “मेरा बैग अंदर रह गया, पर जान बच गई।”
रेस्क्यू: गैस कटर, क्रेन, डॉग स्क्वॉड
NDRF की 2 टीमें, 3 क्रेन, गैस कटर से बोगी काटी जा रही। 2 यात्री अब भी फंसे, लोको पायलट केबिन में दबा। रात 8 बजे तक 12 शव निकाले। CM विष्णु देव साय, डिप्टी CM अरुण साव मौके पर।
हेल्पलाइन, मुआवजा, रद्द ट्रेनें
• हेल्पलाइन: बिलासपुर 7777857335, 7869953330; चांपा 8085956528
• मुआवजा: मृतकों को 10 लाख, गंभीर घायल 2.5 लाख, सामान्य 50 हजार।
• 8 ट्रेनें रद्द, हावड़ा रूट ठप।
कारण: सिग्नल फेल या लापरवाही?
प्रारंभिक जांच: मालगाड़ी रुकी थी, पैसेंजर को गलत ट्रैक पर सिग्नल। रेलवे GM ने हाईलेवल जांच कमेटी गठित।
CM का दर्द: “दुखद, हर मदद”
CM साय: “परिवारों के साथ खड़े हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई।” डिप्टी CM: “इंजन कोच सबसे खतरनाक, वहां बैठने वाले…”
राजनीतिक बयान
कांग्रेस: “BJP सरकार में रेल सुरक्षा चौपट।” BJP: “तुरंत राहत, जांच होगी।”

