रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बृहस्पति पांडेय ने पार्टी की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार “निपटो-निपटाओ” की नीति के कारण सत्ता से बाहर हुई।
पांडेय ने सीधे शब्दों में कहा —
“अगर हमने संगठन में संवाद और समन्वय बनाए रखा होता, तो आज सत्ता हमारे पास होती। लेकिन हर मुद्दे को निपटाने की जगह दबाने की कोशिश हुई, और यही गलती भारी पड़ी।”
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सिंहदेव पर निशाना भी, तारीफ भी
बृहस्पति पांडेय ने टी.एस. सिंहदेव की तारीफ करते हुए भी एक तंज कस दिया।
उन्होंने कहा —
“सिंहदेव जी अच्छे और सुलझे हुए नेता हैं, लेकिन उनकी सोच सरगुजा तक ही सीमित है। छत्तीसगढ़ को लीड करने के लिए पूरे प्रदेश की सोच चाहिए।”
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कांग्रेस प्रदेश में नए नेतृत्व की तलाश कर रही है और पुराने नेता पार्टी की दिशा पर सवाल उठा रहे हैं।
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पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
बृहस्पति पांडेय इससे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं।
कुछ महीने पहले उन्होंने दावा किया था —
“महाराज (टी.एस. सिंहदेव) मेरी हत्या करवाना चाहते हैं।”
हालांकि बाद में उन्होंने इसे ‘राजनीतिक बयान’ बताते हुए नरमी दिखाई थी।
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राजनीतिक गलियारों में हलचल
पांडेय के इस नए बयान से कांग्रेस खेमे में फिर हलचल मच गई है।
नेताओं का मानना है कि यह बयान पार्टी के अंदर गुटबाज़ी को उजागर करता है।
वहीं भाजपा नेताओं ने इसे “कांग्रेस की अंदरूनी टूट” का सबूत बताया है।
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राजनीतिक पृष्ठभूमि:
- बृहस्पति पांडेय भिलाई और दुर्ग क्षेत्र से आते हैं।
- वे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पुराने और मुखर नेताओं में से एक हैं।
- विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद संगठन में आत्ममंथन जारी है।

