रायपुर। अंबिकापुर के महामाया पहाड़ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सोमवार से शुरू हो गई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए इसे तुष्टिकरण की गंदी राजनीति करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस से जवाब मांगा है।
वित्त मंत्री का आरोप
ओपी चौधरी ने फेसबुक पर पोस्ट किए गए अपने वीडियो में कहा, “अंबिकापुर के महामाया पहाड़ में चला बुलडोजर…. हमारे छत्तीसगढ़ के माथे अर्थात सरगुजा के संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के महामाया पहाड़ के सीने में बेखौफ अतिक्रमण होता रहा, महामाया पहाड़ सिसकता रहा…. दुर्भाग्य कि सब कुछ बदस्तूर जारी रहा है… कल सुबह महामाया पहाड़ की इस सिसकती आवाज को सुनकर प्रशासन ने बुलडोजर चलाय… वहाँ लोग बांग्ला भाषा बोल रहे थे, क्या भूपेश बघेल जी जवाब देंगे अपने 5 वर्षों की कारस्तानियों पर ? जवाब देंगे अपने तुष्टिकरण की गंदी राजनीति पर ? जवाब देंगे महामाया पहाड़ की सिसकती आवाज के सामने अपने बहरेपन पर ?”
60 घरों पर चला बुलडोजर, और नोटिस जारी
सोमवार को शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत जिला प्रशासन ने पहले दिन 60 घरों को तोड़ा। इसके अलावा, नवागढ़ इलाके में 60 और घरों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया गया। राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी।
स्थानीय विरोध और व्यवस्थापन की मांग
अतिक्रमण हटाने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन किया और व्यवस्थापन की मांग उठाई। प्रशासन ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
सियासी विवाद और अतिक्रमण की पुष्टि
महामाया मंदिर से सटे पहाड़ पर करीब 450 लोगों ने कब्जा कर मकान और बाड़ी बना ली थी। विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर सियासी विवाद भी हुआ था। जांच में पाया गया कि स्थानीय पार्षद और सरपंच ने अतिक्रमण को प्रोत्साहित किया था।

