दिवाली से पहले मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की गई। इसके बाद DA बढ़कर 58% हो गया है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू होगी। कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर भी मिलेगा।
1.18 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा
केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ करीब 49.2 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.7 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। इस बढ़ोतरी से सरकार के खजाने पर लगभग 10,084 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि यह बढ़ोतरी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए उत्सवों के मौसम में बड़ी राहत है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय देशभर के लोगों पर सकारात्मक असर डालेगा। राज्य सरकारों के कर्मचारी भी इस फैसले से प्रभावित होंगे क्योंकि राज्यों में भी DA इसी आधार पर बढ़ाया जाता है।”
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
- अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो उसे हर महीने ₹900 ज्यादा मिलेंगे।
- ₹40,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेगा।
- तीन महीनों का एरियर जोड़ने पर कर्मचारियों को कुल ₹2,700 से ₹3,600 तक का फायदा होगा।
त्योहारों के समय मिलने वाला यह एरियर कर्मचारियों के लिए बोनस जैसा साबित होगा।
6 महीने पहले हुआ था 2% इजाफा
मार्च 2025 में केंद्र सरकार ने DA में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी की थी, जो पिछले 7 सालों में सबसे कम थी। आमतौर पर DA में 3 से 4% तक की वृद्धि की जाती है।
क्यों दिया जाता है DA?
महंगाई भत्ता यानी DA सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर तय होती हैं और हर 6 महीने में संशोधित की जाती हैं।
कैबिनेट ने लिए अन्य बड़े फैसले
4 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
बैठक में 4 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स के तहत ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पंजाब में नए प्लांट्स लगाए जाएंगे। इसके लिए कुल 4,594 करोड़ रुपए का निवेश होगा। अभी तक सरकार 6 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है।
57 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे
कैबिनेट ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 57 नए केंद्रीय विद्यालय (KV) खोलने की मंजूरी दी है।
- इनमें से 20 केवी उन जिलों में होंगे, जहां अभी तक कोई केंद्रीय विद्यालय नहीं है।
- 14 केवी आकांक्षी जिलों में खोले जाएंगे।
- 4 केवी वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में और
- 5 केवी नॉर्थ ईस्ट और पहाड़ी इलाकों में खोले जाएंगे।