रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रविवार को सदन में छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा की जा रही है। विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया है, हालांकि पार्टी ने अगले तीन दिनों तक सदन में आक्रामक भूमिका निभाने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस सत्र के शेष तीनों दिनों में अलग-अलग मुद्दों पर काम रोको और स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
17 दिसंबर तक चलने वाले चार दिवसीय सत्र के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनमें 333 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा राज्य और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर 48 ध्यानाकर्षण सूचनाएं भी दी गई हैं। विपक्ष ने सत्र के तीनों दिनों के लिए स्थगन प्रस्तावों के मुद्दे पहले ही तय कर लिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 15 दिसंबर को कांग्रेस प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था में अव्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाएगी। इसके बाद अगले दिन नई गाइडलाइन दरों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति है। इधर सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों ही पक्षों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में धान खरीदी और किसानों से जुड़े सवाल सदन में लगाए हैं।
धान खरीदी के दौरान सामने आ रही समस्याओं और किसानों की परेशानियों को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा और व्यवस्था सुधारने का दबाव बनाएगा। वहीं भाजपा विधायक दल भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए रणनीति तय करेगा। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सदन में गतिरोध की स्थिति भी बन सकती है।
संशोधन विधेयक होगा पेशसत्र के दौरान सरकार छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) संशोधन विधेयक सदन में पेश करेगी। साथ ही 15 दिसंबर को मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए प्रथम अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा।