बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टे पर प्रतिबंध के बावजूद कंपनियों द्वारा नियमों के उल्लंघन का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने राज्य सरकार के गृह विभाग के सचिव और संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस की बेंच ने लिया सख्त रुख
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की। अगली सुनवाई की तारीख 4 अप्रैल 2025 तय की गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार और कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि वे अपना पक्ष स्पष्ट करें।
याचिकाकर्ता ने दिए सट्टेबाजी के सबूत
याचिकाकर्ता सुनील नामदेव ने अधिवक्ता अमृतो दास के माध्यम से याचिका दायर की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध है, लेकिन फिर भी कुछ कंपनियां आईपीएल से जुड़े विज्ञापनों के जरिये इस नियम का उल्लंघन कर रही हैं। कोर्ट के सामने दस्तावेज भी पेश किए गए।
राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश
बेंच ने गृह विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि वे मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। साथ ही प्रतिवादी कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि वे नियमों के मुताबिक प्रक्रिया शुल्क का भुगतान करें।
अधिवक्ता को 24 घंटे का समय
याचिकाकर्ता के वकील अमृतो दास ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
इस मामले ने छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते दायरे और प्रशासन की सख्ती के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब 4 अप्रैल की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।





