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छत्तीसगढ़ में शराब-DMF घोटाले पर ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई: 23 ठिकानों पर छापे, दुर्ग में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के घर दबिश; धमतरी में पूर्व विधायक के पोते के आवास पर जांच

रायपुर, 23 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ में कथित 2,500 करोड़ के शराब घोटाले और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) घोटाले की जांच तेज हो गई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शनिवार तड़के 23 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर दबिश दी गई, जबकि धमतरी में कांग्रेस के पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते, रियल एस्टेट कारोबारी केतन दोषी के आवास पर 4 घंटे की लंबी जांच चली।   

दुर्ग छापे का विवरण: भिलाई स्थित निरंजन दास के घर और अन्य ठिकानों पर ACB-EOW की टीम पहुंची। दास, जो कांग्रेस सरकार में आबकारी आयुक्त रहे, पहले सितंबर 2025 में गिरफ्तार हो चुके हैं। अब उनके 6 रिश्तेदारों के रायपुर स्थित ठिकानों पर भी छापे पड़े। जांच में वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति विवरण की पड़ताल की जा रही। आरोप है कि दास ने सिंडिकेट को संरक्षण देकर करोड़ों का लाभ लिया। 

धमतरी में दबिश: महालक्ष्मी ग्रीन्स कॉलोनी में केतन दोषी के निजी आवास पर 10 सदस्यीय टीम (ACB DSP और महिला अधिकारी सहित) ने दो गाड़ियों में पहुंचकर छापा मारा। 4 घंटे चली कार्रवाई में दस्तावेज जब्त कर ले गए। केतन DMF सप्लाई और आबकारी मामलों से जुड़े बताए जा रहे। पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते होने से मामला राजनीतिक रंग ले चुका।  

अन्य ठिकाने: रायपुर के लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के निवास, सरगुजा में पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों, कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर, बिलासपुर में भी छापे। कुल 23 स्थानों पर 50 से अधिक अधिकारियों की टीमें सक्रिय। जांच में फर्जी बिल, अवैध भुगतान और कमीशन के सबूत ढूंढे जा रहे।  

सरकार का रुख: CM विष्णुदेव साय ने कहा, “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया। ED की जांच से लिंक, और गिरफ्तारियां संभावित।

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