सुकमा, छत्तीसगढ़। सुकमा जिले में हुए IED ब्लास्ट में शहीद हुए एडिशनल एसपी आकाश राव गिरपुन्जे का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ महादेव घाट में किया गया। वे 2013 बैच के छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से चयनित अधिकारी थे। उनकी पहली नियुक्ति डीएसपी के रूप में हुई थी और 2024 में उन्हें कोन्टा क्षेत्र में एएसपी पद पर तैनात किया गया था।
शहीद आकाश राव गिरपुन्जे ने नक्सल विरोधी अभियान को अधूरा छोड़ने से इनकार करते हुए खुद ही अपने ट्रांसफर को खारिज कर दिया था। उनका कहना था – “अभी लाल आतंक के खात्मे का अभियान अधूरा है, इसे अंजाम तक पहुंचाना है।”
गृह मंत्री विजय शर्मा ने शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आकाश राव एक बहादुर और समर्पित अफसर थे। वे हर सूचना पर खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते थे। उन्हें पहले भी बहादुरी के लिए सम्मानित किया जा चुका है। मंत्री ने कहा, “ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे। सरकार और पूरा विभाग परिवार के साथ खड़ा है।”
गृह मंत्री ने आगे कहा कि सरकार इस घटना के बाद आगे की “प्रिवेंटिव एक्शन रणनीति” पर काम कर रही है और शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जवानों की ताकत और संकल्प से बस्तर को लाल आतंक से मुक्त किया जाएगा।
शांतिवार्ता की अपील के बाद नक्सलियों की कायराना हरकत
IED ब्लास्ट में कई जवानों की शहादत पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि IED डिटेक्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम मैन्युअल अनुभव के साथ ही आगे बढ़ते हैं, क्योंकि यही ग्राउंड रियलिटी है।”
उन्होंने शांतिवार्ता की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलियों ने वार्ता की पेशकश के बाद इस कायराना हरकत को अंजाम दिया है, जिससे उनकी मंशा स्पष्ट होती है। मंत्री ने कहा, “अब यह भ्रम नहीं रह गया कि इनसे कोई सार्थक संवाद हो सकता है।”
भारत बंद के आह्वान पर सख्त जवाब
नक्सलियों द्वारा भारत बंद की अपील पर गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि, “एक मोहल्ला भी बंद नहीं होगा। सरकार का एजेंडा स्पष्ट है – जो नक्सली मुख्य धारा में आना चाहते हैं, उनसे संवाद होगा और उन्हें हरसंभव सहायता मिलेगी। लेकिन हिंसा का रास्ता चुनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”