रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से लैस कर पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के प्रभावी क्रियान्वयन और सुचारू संचालन के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। इसमें विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं और विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
NeVA के तीन प्रमुख मॉड्यूल की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के NeVA समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन की कार्यप्रणाली समझाई। प्रतिभागियों को एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के उपयोग एवं संचालन की जानकारी दी गई।
ऑनलाइन होंगे प्रश्न और विधायी दस्तावेज
NeVA के माध्यम से विधानसभा के प्रश्न और सूचनाएं डिजिटल तरीके से प्रस्तुत की जा सकेंगी। इसके साथ ही विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन, सुरक्षित रखरखाव और सदन की कार्यवाही से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान भी किया जा सकेगा। इससे विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने में मदद मिलेगी।
चिप्स और NIC के अधिकारी भी हुए शामिल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए।
समय और कागज की होगी बचत
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य विधानसभाओं के कामकाज को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़कर पारदर्शी और कागजरहित बनाना है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में NeVA के प्रभावी उपयोग से कामकाज अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है। इससे दस्तावेजों के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी और कागज की खपत कम होने के साथ समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

