रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शून्यकाल में विपक्ष ने धान खरीदी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की नीति को विफल बताते हुए स्थगन प्रस्ताव लाकर इस पर चर्चा की मांग की, लेकिन सभापति द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और गर्भगृह में पहुंच गए। इसके बाद वे स्वमेव निलंबित हो गए।
विपक्ष के विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों का धान पूरी तरह नहीं खरीदा गया, उन्हें समर्पण के लिए मजबूर किया गया और कई जगहों पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के मुद्दे पर चर्चा से बचा जा रहा है।

