रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। इन बदलावों से नीति को अधिक प्रतिस्पर्धी, निवेश-अनुकूल और स्पष्ट बनाया गया है, जिससे उद्योग, सेवा क्षेत्र और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी रोजगार सृजन के उद्देश्य से ईपीएफ प्रतिपूर्ति और रोजगार अनुदान के नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार देने वाले विशेष सेक्टर के एमएसएमई को भी वेतन अनुदान मिलेगा।
सेवा क्षेत्र में कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग, ई-कॉमर्स, ऐप-आधारित एग्रीगेटर और NABL मान्यता प्राप्त लैब को नीति में शामिल किया गया है। पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े निवेश को प्रोत्साहन देने के निर्णय लिए गए हैं।
इन संशोधनों से छत्तीसगढ़ को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने, रोजगार बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।