बिलासपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी बैठक के बाद संविधान संशोधन का मुद्दा फिर गरमा गया है। पूर्व बिलासपुर संभाग कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी ने चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी के बयानों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से संविधान संशोधन को लेकर पत्राचार और निवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।
कमल सोनी ने कहा कि धारा 9(1) और धारा 15 में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार है और अब इसे प्रदेश की 22 इकाइयों के बीच रखकर राय ली जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि संशोधन प्रस्ताव को कार्यकारिणी के माध्यम से आमसभा तक पहुंचाने में देरी क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय संगठन में क्षेत्रवाद के बजाय सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बिलासपुर के व्यापारिक और औद्योगिक मुद्दों को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है।
सोनी ने स्पष्ट किया कि पद से इस्तीफा देने के बावजूद व्यापारियों के हित और समान प्रतिनिधित्व के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “मैंने पद छोड़ा है, उद्देश्य नहीं।”

