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सीएम हाउस का घेराव, पीसीसी चीफ के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष महंत हुए शामिल

रायपुर: प्रदेश में बढ़ते अपराध, खासकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) का घेराव करने के लिए विभिन्न जिलों से आईं महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा, दुष्कर्म, और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।

महिला सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन

इस विरोध प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम ने उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चियों से लेकर 50 साल की अधेड़ महिलाओं तक के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “बिना कांग्रेस के दबाव के प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है। सरकार महिला सुरक्षा के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है।”

फूलोदेवी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को बार-बार उठाने के बावजूद राज्य की मौजूदा सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी को सड़कों पर उतर कर लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का सरकार पर तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इस विरोध प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों के लिए प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “आज हमारी माताएं-बहनें लाल साड़ी पहनकर दुर्गा के रूप में सरकार पर क़हर बरपाने पहुंची हैं। नौ महीने की सरकार ने पूरे प्रदेश को बर्बाद कर दिया है, और महिलाओं की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया।”

दीपक बैज ने सवाल उठाया कि क्या सरकार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज बची है? उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों पर तुरंत कार्रवाई नहीं होती है। कांग्रेस पार्टी ने कई बार इन मुद्दों को उठाया, लेकिन प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।

बैज ने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह अपने पांच साल के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। “सरकार लाठी, जेल, और एफआईआर करने में व्यस्त है, लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं। हमारी लड़ाई महिलाओं की सुरक्षा के लिए है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे,” उन्होंने कहा।

चरणदास महंत ने भी सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में जगह-जगह शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, जिससे अपराध में वृद्धि हो रही है। महंत ने कहा, “प्रदेश के 80% गांवों में नशे की गोलियां और दवाइयां बेची जा रही हैं, जिसे खाने के बाद लोग अपराध को अंजाम दे रहे हैं। सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे समाज में अराजकता फैल रही है।”

महंत ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और सरकार इसे ठीक करने में असफल रही है। उन्होंने कहा, “यह सरकार सिर्फ दिखावे के लिए काम कर रही है, लेकिन जनता के वास्तविक मुद्दों को हल करने में असमर्थ है।”

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी

महिला कांग्रेस की इस विरोध रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, जो मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए निकलीं। उनके साथ राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों और सरकार की विफलता के खिलाफ नाराजगी जताई।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इस विशाल विरोध प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बनाने का काम किया। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकली महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अगर महिला सुरक्षा की अनदेखी की गई, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

सरकार की आलोचना और कानून व्यवस्था पर सवाल

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दीपक बैज ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में दो तरह के कानून काम कर रहे हैं। एक कानून वह है, जहां बिना जांच के एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, और दूसरा वह, जहां जांच के बाद भी एफआईआर दर्ज करने में देरी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस गृह मंत्री के निर्देश पर काम कर रही है और उनके बिना कोई कार्रवाई नहीं करती।

उन्होंने कहा, “पुलिस सिर्फ गृह मंत्री से पूछकर एफआईआर दर्ज करती है और धाराएं तय करती है। प्रदेश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं।”

भूपेश बघेल ने भी उठाए गंभीर सवाल

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां असुरक्षित हैं, और सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बघेल ने कहा, “यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति बिल्कुल असंवेदनशील हो गई है। हमने बार-बार इस मुद्दे को उठाया, लेकिन सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जाएगी और महिलाओं के हक की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी।

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