छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के परिणाम घोषित होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी शिकायतों को लेकर सीधे गृहमंत्री के बंगले पहुंच गए। अभ्यर्थियों की भीड़ ने बंगले का घेराव किया और चयन प्रक्रिया में भारी विसंगतियों के आरोप लगाते हुए सीधे गृहमंत्री से सवाल-जवाब किए।
वर्तमान में स्थिति यह है कि मंत्री और विभाग के आला अधिकारियों के बीच बंद कमरे में चर्चा चल रही है, जबकि बाहर अभ्यर्थी न्याय की मांग कर रहे हैं।
विवाद की मुख्य जड़: मल्टीपल सिलेक्शन (Multiple Selection)
अभ्यर्थियों के विरोध का सबसे बड़ा कारण परिणाम में सामने आई तकनीकी खामी है।
• एक अभ्यर्थी, कई ज़िले: अभ्यर्थियों का आरोप है कि एक ही उम्मीदवार का चयन कई अलग-अलग जिलों में कर लिया गया है।
• सीटों का नुकसान: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस वजह से वेटिंग लिस्ट वाले या योग्य उम्मीदवारों के हक की सीटें बर्बाद हो रही हैं। नियमतः एक उम्मीदवार को एक ही जगह आवंटित की जानी चाहिए थी।
• पारदर्शिता पर सवाल: उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया की मेरिट लिस्ट और चयन के मापदंडों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
गृहमंत्री का रुख
बंगले पर पहुंचे उम्मीदवारों ने गृहमंत्री से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की फिर से समीक्षा की जाए और एक ‘सिंगल अलॉटमेंट’ लिस्ट जारी हो ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके। गृहमंत्री ने फिलहाल अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और विभाग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

