रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर मांग तेज हो गई है। मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग उठाई है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।
संघ का कहना है कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर चुकी है, लेकिन छत्तीसगढ़ में अभी तक केंद्रीय दर के अनुरूप भत्ता स्वीकृत नहीं किया गया है। इससे राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
1 जनवरी 2026 से 60% DA देने की मांग
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के मुताबिक, केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 22 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया था। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी की गई है।
संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ओर से राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच दो प्रतिशत का अंतर बना हुआ है। संगठन का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच इस अंतर का असर कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
एरियर भुगतान की भी उठाई मांग
संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जाए। साथ ही, लंबित अवधि के एरियर का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को बकाया राशि मिल सके।
इसके अलावा संगठन ने भविष्य में केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने पर राज्य सरकार की ओर से भी समय पर निर्णय लेने की व्यवस्था बनाने की मांग की है। संघ चाहता है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और कर्मचारियों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है। फिलहाल, 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग पर सरकार की ओर से निर्णय की प्रतीक्षा है।

