रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। अभनपुर पहुंचे डिप्टी सीएम ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज और सड़क की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सीधा संवाद किया। इस दौरान भारतमाला प्रोजेक्ट और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर
अरुण साव ने सबसे पहले अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जानकारी ली। इसके बाद ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पास सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
डिप्टी सीएम बोले – यह परियोजना जनता के लिए क्रांतिकारी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे भारत सरकार की क्रांतिकारी योजना है। इसके बनने से न केवल छत्तीसगढ़ से विशाखापट्टनम की दूरी कम होगी बल्कि यह आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण गलियारा साबित होगा।
464 किमी लंबा एक्सप्रेसवे, बंदरगाह तक जोड़ेगा सीधा रास्ता
इस 6 लेन एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 464 किमी है, जो रायपुर से धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट होते हुए विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचेगा। यह भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।
भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाले के आरोप
हालांकि इस परियोजना के साथ मुआवजा घोटाले का मुद्दा भी जुड़ा है। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने विधानसभा में यह मामला उठाया था कि कई किसानों को अब तक उनकी अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा नहीं मिल सका है।
भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत मुआवजा देने का प्रावधान
नियम के अनुसार, 5 लाख की जमीन अधिग्रहित होने पर किसान को 5 लाख की कीमत, 5 लाख की सॉलिसियम राशि, और कुल 20 लाख रुपये तक मुआवजा मिलना चाहिए। मगर कई किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है, जिस पर जांच की घोषणा की गई है।





