Raipur. स्कूल शिक्षा विभाग के हालिया आदेश ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश में Ashok Kumar Kashyap की मुंगेली डीएमसी पद से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कश्यप महज छह महीने पहले ही डीएमसी बने थे और जून 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आदेश में उनका मूल पद गलत दर्शाया गया, जबकि जिस विद्यालय में भेजा गया वहां अंग्रेज़ी व्याख्याता का पद रिक्त भी नहीं है।
इधर डीएमसी का दायित्व उनसे जूनियर Ashok Soni को सौंपा गया है, जिससे वरिष्ठता की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। विभाग ने इसे “प्रशासनिक आधार” बताया है, लेकिन स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं। अब निगाहें शिक्षा विभाग के स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।

