छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना को 1 अगस्त से बंद कर दिया है। इसके बाद अब घरेलू उपभोक्ताओं को सितंबर में आने वाले बिजली बिल में बड़ा झटका लगेगा। पहले जहां 400 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को सीधे 50% छूट मिल रही थी, अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है।
राज्य सरकार ने 1 मार्च 2019 से यह योजना शुरू की थी, जिसमें हर महीने 400 यूनिट तक की खपत करने पर आधा बिल माफ होता था। यहां तक कि 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वालों को भी पहले 400 यूनिट तक आधा बिल देने का लाभ मिलता था। इस योजना से उपभोक्ताओं को हर महीने औसतन 558 रुपए से 1223 रुपए तक की राहत मिलती थी।
अब ज्यादा देना होगा बिल
योजना बंद होने के बाद अब उपभोक्ताओं को पूरा बिल चुकाना होगा। अनुमान है कि सितंबर से हर महीने बिजली उपभोक्ताओं पर 558 से 1223 रुपए तक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह बदलाव सीधे गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालेगा।
सरकार ने सिर्फ उन उपभोक्ताओं को राहत देने का ऐलान किया है जो 100 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को ही अब भी 50% छूट का लाभ मिलेगा। लेकिन शहरी क्षेत्रों में 100 यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बेहद कम है।
तिहरा प्रहार
सितंबर में उपभोक्ताओं पर बिजली बिल के मामले में तिहरा असर दिखेगा—
- जुलाई से प्रति यूनिट 14 पैसे की दर वृद्धि लागू हो चुकी है।
- अगस्त की उमस भरी गर्मी में एसी और कूलर के ज्यादा इस्तेमाल से खपत बढ़ गई है।
- 1 अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना बंद हो गई है।
इन तीन कारणों से घरेलू उपभोक्ताओं को पहले से दोगुना बिल भरना पड़ेगा।
खपत के हिसाब से बढ़ेगा बोझ
| यूनिट खपत | कुल बिल (₹) | पहले छूट (₹) | अब बिल (₹) | अतिरिक्त भार (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 0–100 | 592 | 296 | 296 | 0 |
| 0–200 | 1115 | 557 | 1115 | 557 |
| 0–300 | 1223 | 890 | 1223 | 890 |
| 0–400 | 2446 | 1223 | 2446 | 1223 |
| 0–500 | 3228 | 1223 | 3228 | 1223 |
| 0–600 | 4010 | 1223 | 4010 | 1223 |

