रायपुर। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों को देखते हुए छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ सात दिवसीय विशेष जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में मिठाई दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, कन्फेक्शनरी और खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच की गई।
महासमुंद में वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 300 किलो तैयार पनीर कोल्ड स्टोरेज में सील किया। इसके नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
बिलासपुर में मिथ्याछाप पाई गई करीब 102 किलो बर्फी जब्त कर सीज की गई। कोरबा में करीब 10 हजार रुपये के मिथ्याछाप खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बालोद, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही समेत कई जिलों में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और दुकानों का निरीक्षण किया गया।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और वैध FSSAI लाइसेंस रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अखबारी कागज में खाद्य पदार्थ पैक नहीं करने और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि, लेबल, पैकेजिंग और FSSAI लाइसेंस जरूर जांचें। मिलावट या संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

