बिलासपुर: छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभी कानून के लागू होने की तिथि अधिसूचित नहीं हुई है, इसलिए इसे चुनौती देना समय से पहले है।
यह याचिका अमरजीत पटेल ने दायर कर विधेयक को संविधान के कई अनुच्छेदों का उल्लंघन बताया था। राज्य सरकार ने इसकी ग्राह्यता पर आपत्ति जताई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया।
बता दें कि यह विधेयक 19 मार्च 2026 को विधानसभा में पारित हुआ था, जिसमें जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण पर सख्त सजा का प्रावधान है। वहीं इस कानून के खिलाफ एक अन्य याचिका भी लंबित है।

