बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में करंट से हाथियों और वन्यजीवों की हो रही मौतों पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्ती दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की युगल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अपर मुख्य सचिव से शपथ पत्र में जवाब मांगा है।
याचिका में हाल की कई घटनाओं का हवाला देते हुए बताया गया कि अलग-अलग जिलों में करंट की चपेट में आकर हाथियों, भालू समेत वन्यजीवों और लोगों की मौत हुई है।
कोर्ट ने पूछा है कि ये घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं और रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए गए। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी।


