बिलासपुर। पति-पत्नी विवाद से जुड़े एक अहम मामले में हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्य करने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि परिवार न्यायालय को मामले के प्रभावी निपटारे के लिए दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य स्वीकार करने का अधिकार है।
मामला रायपुर निवासी पति की तलाक याचिका से जुड़ा है, जिसमें उसने पत्नी की व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर पेश करने की मांग की थी। पत्नी ने इसे निजता का उल्लंघन बताया था, लेकिन फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला दिया। इसके खिलाफ पत्नी हाईकोर्ट पहुंची, जहां हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि निष्पक्ष सुनवाई निजता से अधिक महत्वपूर्ण है।





