बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम और नियम 2026 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने कानून में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर कई प्रावधानों पर आपत्ति जताई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि नए कानून के तहत धर्म परिवर्तन के लिए लंबी प्रक्रिया और विभिन्न स्तरों पर अनुमति की व्यवस्था की गई है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को अंतरिम आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
मामले की अगली सुनवाई सरकार के जवाब के बाद होगी।

