बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदिवासी भूमि पर गैर-आदिवासी के कब्जे से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमीन का रजिस्टर्ड बिक्री विलेख आदिवासी के नाम होने मात्र से गैर-आदिवासी के वास्तविक कब्जे और उपयोग की जांच पर रोक नहीं लगती।
मामला नया बाराद्वार गांव की जमीन से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 170-बी के तहत राजस्व अधिकारी जमीन के लेनदेन, कब्जे और उपयोग की वास्तविक स्थिति की जांच कर सकते हैं।
डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के 20 मार्च 2024 के आदेश के साथ एसडीएम, कलेक्टर और कमिश्नर के आदेशों को भी बरकरार रखा और अपील को खारिज कर दिया।

