बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरटीआई अधिनियम, 2005 से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी लोक सूचना अधिकारी (PIO) पर जुर्माना लगाने से पहले राज्य सूचना आयोग को धारा 20(1) के तहत अलग से नोटिस जारी कर सुनवाई का उचित अवसर देना अनिवार्य है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील की सुनवाई के दौरान जारी नोटिस को अंतिम नोटिस मानकर सीधे जुर्माना नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने इस आधार पर राज्य सूचना आयोग द्वारा 6 सितंबर 2022 को पारित जुर्माने के आदेश को निरस्त कर दिया।
मामला कौशल विकास योजना से जुड़ी सूचना उपलब्ध कराने को लेकर था, जिसमें आयोग ने लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट ने कहा कि कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती।



