रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रियाओं और प्रतीक्षा सूची (Waiting List) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और स्पष्ट फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चयनित उम्मीदवार नौकरी ज्वॉइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है, तो उससे खाली होने वाले पदों को पुरानी वेटिंग लिस्ट के जरिए नहीं भरा जा सकता। ऐसे रिक्त पदों को ‘फ्रेश वैकेंसी’ (नई रिक्ति) माना जाएगा, जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर नई चयन प्रक्रिया अपनानी होगी।
यह फैसला जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) भर्ती से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाकर्ताओं (भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता) ने मांग की थी कि चयनित उम्मीदवारों के इस्तीफे के बाद खाली हुए पदों पर प्रतीक्षा सूची से उनकी नियुक्ति पर विचार किया जाए।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं और कहा कि मूल चयन सूची में शामिल न होने वाले अभ्यर्थियों को केवल इस आधार पर नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल सकता कि बाद में कोई पद खाली हुआ है। अदालत के इस रुख से स्पष्ट हो गया है कि भविष्य में उत्पन्न होने वाली ऐसी रिक्तियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता होगी।



