बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शालाओं के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) की नीति को वैध ठहराते हुए इसे चुनौती देने वाली 24 से अधिक याचिकाएं खारिज कर दीं।
जस्टिस बिभू दत्त गुरु की एकलपीठ ने कहा कि शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार का यह कदम जनहित में है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तबादला और पदस्थापना सरकार का प्रशासनिक अधिकार है तथा किसी सरकारी कर्मचारी को एक ही स्थान पर बने रहने का कानूनी अधिकार नहीं है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने शिक्षकविहीन और एकल-शिक्षकीय स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों तथा 10,463 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया है।

