बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे पर गंभीर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा सचिव को इस मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं। बारिश के मौसम में इन स्कूलों में पढ़ाई करना बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो जाता है। इस गंभीर मुद्दे पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि कलेक्टर हर जगह नहीं जा सकते हैं। शिक्षा सचिव को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल जतन योजना के तहत आवंटित धन का सही उपयोग हो रहा है और स्कूलों की स्थिति में सुधार हो रहा है।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने कोर्ट को बताया कि 31 मार्च 2024 तक 2219 स्कूलों को ध्वस्त करने और 9000 स्कूलों की मरम्मत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्कूल जतन योजना और डीएमएफ फंड से धनराशि आवंटित की गई है।
यह फैसला बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए एक बड़ी जीत है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बच्चे सुरक्षित और मजबूत इमारतों में पढ़ सकें।