Site icon India & World Today | Latest | Breaking News –

संविलयन से पहले शिक्षा विभाग में नहीं थे शिक्षाकर्मी: हाईकोर्ट ने कहा- इसलिए क्रमोन्नति के लिए पात्र नहीं; 1188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज

बिलासपुर, 26 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों को बड़ा झटका दिया। जस्टिस अरुण पति त्रिवेदी की एकलपीठ ने कहा कि संविलयन से पहले पंचायत नियमों के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मी ‘शासकीय सेवक’ नहीं माने जाते। इसलिए पूर्व सेवा के आधार पर क्रमोन्नति के लिए पात्र नहीं। 1188 याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।  

फैसले का आधार: याचिकाकर्ताओं ने संविलयन से पूर्व की सेवा को जोड़कर क्रमोन्नति मांगी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविलयन तक वे शिक्षा विभाग के अधीन नहीं थे। इससे प्रभावित 1188 सहायक शिक्षक, जिनमें बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर के शामिल। 

शिक्षक संगठनों का विरोध: छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षक संघ ने फैसले को ‘अन्यायपूर्ण’ बताया। बोले, “10-15 साल की सेवा को नजरअंदाज, SC जाएंगे।” सरकार ने कहा, “फैसले का पालन।” मामला 2018 संविलयन से जुड़ा।

Exit mobile version