रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाने में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में गंभीर सुरक्षा चूक सामने आने के बाद कारखाना अधिनियम के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और मेंटेनेंस सहित सभी कार्यों पर तत्काल रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
कार्यालय सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा के अनुसार 22 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के दूसरे तल पर कार्य के दौरान अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार हुई। हादसे में 6 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
उस समय चेंबर में 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग के जरिए नीचे गिराया जा रहा था।घटना की गंभीरता को देखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कारखाने का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई, जिसमें कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रबंधन द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया गया। किल्न को शटडाउन किए बिना जोखिमपूर्ण कार्य कराया गया, हाइड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया और न ही उचित वर्क परमिट जारी हुआ। इसके अलावा नियमित रखरखाव, सुरक्षा प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की भी कमी पाई गई।
जांच में किल्न क्रमांक-01 की स्थिति को ‘इमिनेंट डेंजर’ मानते हुए कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत इसके संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक प्रबंधन सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पूरे कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान सभी श्रमिकों को उनका वेतन और अन्य देय भत्ते समय पर देना अनिवार्य होगा।
सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

