रायपुर। खरीफ सीजन 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना जारी की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार इस योजना का उद्देश्य कम बारिश की स्थिति में फसलों की सुरक्षा, उत्पादन बनाए रखना और खेती की लागत कम करना है।
सरकार ने किसानों को वर्षा जल संरक्षण, समय पर जुताई, मेड़बंदी और धान की जगह अरहर, मूंग, उड़द, तिल, मूंगफली व सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी है। साथ ही बीज उपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग, वर्षा जल संग्रह और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
कृषि विभाग ने मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती करने, कम अवधि वाली फसलें चुनने तथा धान की रोपा पद्धति के बजाय डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक अपनाने की सलाह दी है। किसानों से आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों से वैज्ञानिक सलाह लेने की भी अपील की गई है।

