छत्तीसगढ़ में बंदियों को जेल से बाहर ले जाने पर सुरक्षा सख्त, सहायक जेल अधीक्षक की मौजूदगी जरूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जेल बंदियों को अस्पताल, कोर्ट या अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जेल से बाहर ले जाने के दौरान अब सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रहेगी। जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग ने इस संबंध में प्रदेश की जेलों के अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश के मुताबिक विचाराधीन, दंडित या अन्य श्रेणी के बंदियों को किसी भी प्रशासनिक, न्यायालयीन, चिकित्सा अथवा दूसरे जरूरी काम के लिए जेल से बाहर ले जाते समय सुरक्षा स्टाफ के साथ उपलब्धता के अनुसार सहायक जेल अधीक्षक या वरिष्ठ रैंक के अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी।

इसके अलावा सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जेल कर्मचारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बंदियों को जेल से बाहर ले जाने के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी और रिकॉर्डिंग की जा सकेगी।

जिन मामलों में बंदियों को पुलिस सुरक्षा के साथ जेल से बाहर ले जाना होता है, उनमें जेल अधीक्षक संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

यह निर्देश जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ को भी भेजी गई है।

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय जेल रायपुर में बंद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को कथित VIP सुविधा दिए जाने का वीडियो सामने आया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने बंदियों की बाहरी आवाजाही से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।

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