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छत्तीसगढ़ अपार आईडी निर्माण में अग्रणी, 88.63% छात्रों को मिली डिजिटल शैक्षणिक पहचान

रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) प्रणाली के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने अपार आईडी निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर अपार आईडी निर्माण में अग्रणी बनकर उभरा है।

अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार की जा चुकी है, जो कुल का 88.63 प्रतिशत है। इसे डिजिटल शैक्षणिक ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जिला स्तर पर देखें तो बेमेतरा (96.40%) और राजनांदगांव (96.38%) में सबसे अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई गई है। वहीं रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट हो चुकी है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर ली गई है। शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण का कार्य सभी जिलों में जारी है।

भारत सरकार ने 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अपार आईडी के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाण-पत्रों और क्रेडिट्स का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।

यह व्यवस्था छात्रों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक गतिशीलता को मजबूत बनाएगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार शिक्षक शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

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