छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले (Liquor Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ED ने कोर्ट में दावा किया है कि इस घोटाले की बड़ी राशि यानी ₹100 करोड़ पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को मिले थे। जाँच एजेंसी के मुताबिक, यह पूरी गिरफ्तारी तांत्रिक के.के. और पप्पू के बयानों के आधार पर की गई है।
इस मामले में सियासत तब और गरमा गई जब पूर्व मंत्री कवासी लखमा को पेशी के लिए लाया गया। लखमा ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कवासी लखमा का दर्द: “मैं प्रताड़ित हूँ”
कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान पूर्व मंत्री कवासी लखमा भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
“मुझे 11 महीने बाद पेशी पर लाया गया है। मैं हार्ट और बीपी (Blood Pressure) का मरीज हूँ। एजेंसियों द्वारा मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।”
जाँच के मुख्य बिंदु
• ₹100 करोड़ का लिंक: ED का आरोप है कि अवैध शराब बिक्री से उगाही गई रकम का एक बड़ा हिस्सा सौम्या चौरसिया तक पहुँचा।
• तांत्रिक के बयान: जाँच एजेंसी ने तांत्रिक के.के. और एक अन्य आरोपी ‘पप्पू’ के बयानों को आधार बनाकर कार्रवाई तेज की है।
• विपक्षी हमला: कांग्रेस ने इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है, जबकि ED का दावा है कि उसके पास पुख्ता दस्तावेजी सबूत हैं।