बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है और इसमें आरोपी की अहम भूमिका सामने आई है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
निरंजन दास ने राज्य सरकार और ईडी के मामलों में जमानत के लिए आवेदन किया था। उनके वकील ने तर्क दिया कि उन्हें पहले से न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद गिरफ्तार किया गया और उनका शराब खरीद-बिक्री से जुड़े कॉर्पोरेशन के कामकाज में कोई सीधा रोल नहीं था।
वहीं ईडी की ओर से कहा गया कि विभाग के प्रमुख पद पर रहते हुए उन्होंने अनियमितताओं को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी दीपेन चावड़ा को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

