रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन (1992) के दौरान पहली ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ प्रतिमा का निर्माण आनंद अग्रवाल ने कराया। 4 भुजाओं वाली इस मूर्ति (हाथों में धान, हंसिया, नांगर, त्रिशूल) को आंदोलनकारियों ने माथे पर रक्त तिलक लगाकर अलग राज्य की सौगंध खाई। खून का टीका आज भी मूर्ति पर शोभायमान, संघर्ष की याद दिलाता।
आंदोलन की गाथा: आनंद अग्रवाल ने दिल्ली में लंगर व धरना देकर आंदोलन को मजबूती दी। केयूर भूषण, डॉ. प्रभात मिश्रा, हरि ठाकुर, पुरुषोत्तम लाल कौशिक, नंदकिशोर पांडेय जैसे नेताओं ने रक्त तिलक लगाया। यह चित्र भारत माता पर आधारित, कृषि-भक्ति दर्शाता। 26 साल बाद (2018) भूपेश सरकार ने सरकारी आयोजनों में अनिवार्य किया।
हाल ही (2025) में मूर्ति तोड़ने की घटना पर विवाद, लेकिन आनंद अग्रवाल का योगदान अमर।