छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने 15 जनवरी 2026 को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और बीते दो वर्षों में खनिज अन्वेषण, नीलामी व उत्खनन से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने बताया कि CMDC द्वारा टिन, बॉक्साइट, लौह अयस्क, कोयला, हीरा, मैंगनीज, डोलोमाइट सहित 9 खनिजों में अन्वेषण व खनन किया जा रहा है। टिन खनिज में बस्तर के आदिवासी समुदाय को सीधे लाभ पहुंचाते हुए क्रय मूल्य बढ़ाकर 1926 रुपये प्रति किलो किया गया है। ऑनलाइन क्रय और रियल टाइम भुगतान के लिए TIN Portal (Tribal Incentive for Natural Resources) तैयार किया जा रहा है।
क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में CMDC, MOIL और Coal India के साथ मिलकर मैंगनीज, ग्रेफाइट व अन्य खनिजों के अन्वेषण पर काम कर रही है। पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के तहत लौह अयस्क की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। आरीडोंगरी खदान से पिछले वर्ष लगभग 28.65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि बैलाडिला डिपॉजिट-4 और 13 में 2026 से खनन शुरू होगा, जिससे राज्य को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, केर्वा कोल परियोजना, डोलोमाइट, कोरण्डम, कॉपर और हीरा खनिजों में भी नई परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
भविष्य की कार्ययोजना के तहत उत्पादन क्षमता बढ़ाने, क्रिटिकल मिनरल्स के निष्कर्षण, नई नीलामी, कौशल विकास और सेवा प्रदाता के रूप में CMDC की भूमिका विस्तार करने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास को गति देना है।

