रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ताजा क्वालिटी चेक रिपोर्ट में राज्य में बिक रही 9 दवाएं अमानक (Substandard) पाई गई हैं, वहीं एक दवा नकली (Counterfeit) होने का भी खुलासा हुआ है।
यह मामला तब सामने आया है जब देशभर में कुल 112 दवाइयां गुणवत्ता जांच में फेल हुई हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ का यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है।
💊 लिस्ट में शामिल प्रमुख दवाएं:
रिपोर्ट के अनुसार, अमानक और नकली दवाओं की सूची में आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी शामिल हैं, जैसे:
• एल्बेंडाजोल (पेट के कीड़ों के लिए)
• पैरासिटामॉल (दर्द और बुखार के लिए)
• फंगल-क्रीम (त्वचा संक्रमण के लिए)
• इसके अलावा, एक कफ सिरप भी जांच में नकली पाया गया है।
⚠️ बढ़ी चिंता: नकली कफ सिरप पर बड़ा खतरा
नकली कफ सिरप का मिलना सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि इसके सेवन से कोई बड़ा स्वास्थ्य हादसा हो सकता था। प्रदेश की 6 अलग-अलग दवा कंपनियों में बनी दवाएं भी इस अमानक लिस्ट में शामिल हैं।
CDSCO ने हालांकि अभी तक इन दवाओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन सितंबर की इस रिपोर्ट ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔍 आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग और CDSCO द्वारा जल्द ही इन अमानक और नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने और संबंधित कंपनियों/वितरकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की उम्मीद है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करें।