गरियाबंद/रायपुर, 24 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-ग्रामीण) में करोड़ों का घोटाला उजागर। 1000 से अधिक अधूरे घरों को पूर्ण बताकर 1 नवंबर को PM नरेंद्र मोदी से वर्चुअल गृह प्रवेश कराया गया। कई घरों में नींव तक नहीं डाली गई, तो कहीं छत की ढलाई नहीं हुई। MGNREGA के तहत बिना काम के मजदूरी के पैसे निकाले गए।
घोटाले का खुलासा: मैनपुर जनपद सदस्य परमेश्वर जैन के नेतृत्व में जांच में पाया गया कि 3700 लाभार्थियों की सूची में 1000+ घर अधूरे हैं। सारिपानी पंचायत में गोवर्धन नागेश, कन्हल राम, गजेंद्र के घरों में काम अधूरा। धनोरा गांव में 11 घरों में प्रदीप सिंह के कॉलम नहीं बने, दुर्जन के छत नहीं। मुधगेल माल में भंवर सिंह का घर केवल वेरांडा तक, पुराने घर में ही सोते हैं।
फर्जीवाड़ा कैसे: PMAY पोर्टल में अधूरे घरों को पूर्ण दिखाया। MGNREGA मस्टर रोल में फर्जी एंट्री से मजदूरी निकाली—जोगेश्वर के घर पर बिना नींव के ₹1.20 लाख वसूले। सहायक सचिव व आवास मित्रों पर आरोप। जैन बोले, “लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में फर्जीवाड़ा।”
PM का उद्घाटन: राज्योत्सव में मोदी ने 3.51 लाख लाभार्थियों के लिए ₹1200 करोड़ की किस्त जारी की, जिसमें ये 1000+ घर शामिल।
कार्रवाई: जनपद CEO श्वेता वर्मा ने जांच का भरोसा दिया। जिला पंचायत CEO प्रखर चंद्रकार बोले, “MGNREGA फ्रॉड पर FIR दर्ज, राशि वसूलेंगे।” कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा।

