रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस किराए में बढ़ोतरी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सरकार को घेरा है।
बस किराया बढ़ने पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही महंगाई का दबाव है और बस किराए में बढ़ोतरी से आम यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने बिजली बिल, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लगातार बढ़ते खर्च से आम लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है।
बघेल ने दावा किया कि एक साल के भीतर बस किराए में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। उनके मुताबिक, इस बार किराए में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने सरकार से महंगाई के बीच आम जनता को राहत देने की जरूरत पर जोर दिया।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर दीपक बैज का हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पुलिस भर्ती के इंटरव्यू स्थगित होने और शिक्षक भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार आने वाली बाधाओं से युवाओं में असमंजस की स्थिति बनती है।
बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भर्ती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC), व्यापम और सब इंस्पेक्टर भर्ती जैसी प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए सरकार से भर्ती व्यवस्था को सुचारु और भरोसेमंद बनाने की मांग की।
महंगाई और रोजगार बने राजनीतिक बहस का केंद्र
बस किराए में बढ़ोतरी और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस इन मामलों को आम जनता के बढ़ते खर्च और युवाओं के भविष्य से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है। वहीं, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध आयोजन की मांग भी प्रमुखता से सामने आई है।
इन मुद्दों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी। भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप कांग्रेस नेताओं के बयान हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

