छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक’ सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस नए और सख्त कानून के आने से परीक्षा माफियाओं और सॉल्वर गैंग की अब खैर नहीं होगी।
क्या हैं इस नए संशोधन विधेयक की मुख्य बातें?
- कड़े दंड का प्रावधान: परीक्षाओं में नकल कराने, पेपर लीक करने, फर्जीवाड़ा करने या अनुचित साधनों (Unfair Means) का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और लंबी सजा का कड़ा प्रावधान किया गया है।
- भविष्य से खिलवाड़ पर रोक: यह कानून उन असामाजिक तत्वों और माफियाओं पर नकेल कसेगा जो पैसों के बल पर मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
- पारदर्शिता को बढ़ावा: इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्קיर्ण और सुरक्षित बनाना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत
इस महत्वपूर्ण विधेयक के पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा माफियाओं के खिलाफ यह कड़ा कानून युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को रोकेगा और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाएगा।


