नई दिल्ली, 23 जनवरी 2026 — गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय और जनजातीय वीर नायकों की गौरवगाथा को भव्य रूप में प्रस्तुत करेगी।
राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित प्रेस प्रीव्यू के दौरान रक्षा मंत्रालय ने झांकी का प्रदर्शन किया। झांकी के माध्यम से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों को श्रद्धांजलि दी गई है। नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित इस डिजिटल संग्रहालय में देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित किया गया है।
झांकी के अग्र भाग में 1910 के भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर और पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को दर्शाया गया है। पूरी झांकी जनजातीय समाज के साहस, बलिदान और देशभक्ति की प्रेरक कहानी को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है।