नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय और जनजातीय वीर नायकों के गौरव को दर्शाती नजर आई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विशिष्ट अतिथियों ने झांकी की सराहना की, वहीं दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया।
झांकी में नवा रायपुर स्थित जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहाँ देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को डिजिटल माध्यम से संजोया गया है। इसके साथ ही भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर और छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह के साहस और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
पूरी झांकी ने जनजातीय समाज के शौर्य, बलिदान और देशभक्ति को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।