रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। धमतरी जिले के शासकीय माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक मंत्री गाडगे को निलंबित कर दिया गया है। भले ही नाम ‘मंत्री’ है, लेकिन गाडगे कोई विभागीय मंत्री नहीं, बल्कि एक शिक्षक हैं, जिनके खिलाफ रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश कुमार पांडेय ने कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, मंत्री गाडगे पर ग्राम मडेली पब्वारी, तहसील भखारा की शासकीय घास भूमि (खसरा नंबर 1219, रकबा 0.14 हेक्टेयर) पर अवैध कब्जा कर दो पक्की दुकानें और एक मकान बनाने का आरोप है। तहसीलदार भखारा की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण के खिलाफ न्यायालय से स्थगन आदेश भी जारी हुआ, लेकिन उसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा।
जांच के दौरान गाडगे ने स्वयं अदालत में पेश होकर स्वीकार किया कि उन्होंने ही उक्त जमीन पर निर्माण कराया है। आदेश की प्रति लेने से भी उन्होंने इनकार कर दिया, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्होंने जानबूझकर न्यायालय की अवहेलना की।
यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत माना गया है, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता और कदाचार की श्रेणी में रखा गया। इसके चलते मंत्री गाडगे को सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा और इस दौरान उनका मुख्यालय शासकीय हाईस्कूल, बांझापाली, विकासखंड सरायपाली, जिला महासमुंद निर्धारित किया गया है।
सरकार द्वारा की गई यह कार्रवाई यह स्पष्ट संकेत देती है कि शासकीय संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब सख्त रवैया अपनाया जा रहा है, चाहे वह किसी भी पद या विभाग से जुड़े हों।